सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Privacy policy

PRIVACY POLICYप्रेमालय के privacy policy page पर आपका स्वागत है| दोस्तो इस वेबसाइट को क्यों बनाया गया है इसका जानना भी जरुरी है और हर वेबसाइट को यूज़ करने के अलग अलग नियम होते है और आपको इन सभी नियमों को follow करने होते है| तो आपको भी यह  जानना चाहिये कि अगर आप मेरी वेबसाइट पर अपने कार्य की जानकारी लेंगे तो आपको किन किन बातों का ध्यान रखना होगा,ये भी पढ़ें|

Contents [hide]
1 सर्वप्रथमआप मुझे जाने – Privacy Policy
2 मेरी वेबसाइट Hindi प्रेमालय के बारे में
2.1 Comment Policy:
2.2 Terms&Conditions
2.3 Cookies&All Right Reserved
सर्वप्रथमआप मुझे जाने – Privacy Policy
आपको शायद पता होगा कि मेरा नाम रामू कुमार है| मैं सितम्बर 2019 से ही इस वेबसाइट पर कार्य कर रहा हूँ| H जिस पर हम ज्यादातर हिंदी साहित्य से सम्बंधित आर्टिकल ही पब्लिश करते है| आप मेरे बारे में अधिक जानकारी लेना चाहते है तो आप मेरे Contect us पेज को पढ़ सकते है|



मेरी वेबसाइट प्रेमालय के बारे में
यह वेबसाइट हिंदी साहित्य से जुड़े हिंदी मित्रो की जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए बनाई गयी है ,इस वेबसाइट पर हिंदी साहित्य से सम्बन्धित ढेरों जानकारियाँ आपको पढने को मिलेगी |

आपको इस वेबसाइट पर हिंदी साहित्य के अलावा Hindi grammar,Mnovigyan,टॉपिक पर भी कुछ पाठ्यसामग्री मिलेगी |

आप अगर हमारी वेबसाइट पर Visit करते है तो मैं आपसे कभी भी आपकी निजी जानकारी नहीं लूँगा और आपके द्वारा दी गयी जानकारी या किसी भी कमेंट को पब्लिक को  मैं शेयर नहीं करूँगा| आपकी निजी जानकारी की अगर बात की जाए तो मेरे पास आपकी सिर्फ ईमेल आईडी होगी जिस पर हम कभी भी कोई स्पेम नहीं भेजेंगे|

हम आपकी ईमेल का यूज़ सिर्फ आपसे किसी तरह का संपर्क करने के लिये ही करेंगे|

Comment Policy:
⇒ अगर आप मेरी वेबसाइट पर कमेंट करते है तो आपको भी मेरे बताये हुए सभी नियम को अच्छे से follow करने होंगे|

⇔ कमेन्ट में आप हमेशा ही सभ्य भाषा का प्रयोग करेंगे कमेंट करते वक़्त अगर आप किसी गलत भाषा का इस्तेमाल करते है तो मुझे आप पर कार्यवाही करने का पूरा अधिकार होगा|

⇒ आपके द्वारा किये गए कमेंट में किसी तरह का किसी भी प्रकार का लिंक नहीं होना चाहिये अगर ऐसा करना पाया जाता है तो उस कमेंट को स्पेम मानते हुए उसे डिलीट करने का अधिकार हमारे पास सुरक्षित रहेगा|



⇔ जब तक आपके कमेंट को अच्छी तरह से चेक ना किया जाए तब तक आपका कमेंट प्रदर्शित नहीं होगा इसका अर्थ यह होगा कि हम आपका कमेंट मैन्युअल अप्प्रोव करेंगे उसके बाद आपका कमेंट सम्बंधित पोस्ट पर दिखने लगेगा|

⇒ अगर आप किसी तरह का कमेंट करते है और मुझे अगर जरुरत पड़ी तो मैं उस कमेंट को पूरी तरह से एडिट करने का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखता हूँ|

हम आपसे यही आशा करते है कि आप हमेशा ही हमारे द्वारा बनाये गए नियमो का पालन करेंगे लेकिन अगर आप ऐसा नहीं करते है तो मजबूरन हमें आपके प्रति एक्शन लेना होगा| अगर आप हमारे बताये गए किसी भी नियम को फॉलो नहीं करते है तो हम आपके IP address को block कर देंगे, इसका मतलब ये हुआ कि फिर भविष्य में आप हमारी इस  वेबसाइट को देख नहीं कर सकेंगे|इसलिए आप ध्यान रखें |

Terms&Conditions
आप हमारी वेबसाइट के नियमों का अच्छे से पालन करेंगे ,हम आपसे यही आशा रखते है

आप इस वेबसाइट के बारे में कीमती सुझाव भेज सकते है | हम आपसे यह भी आशा रखते है कि इस वेबसाइट को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें सुझाव भी  भेजेंगे |

Whatsapp no  :  8528995273

Email             :  ramu3404@gmail.com

Youtube Chanel : https://www.writer Ramu

Facebook Ramu raj

Cookies&All Right Reserved
अगर आप मेरे इस वेबसाइट का यूज़ करेंगे तो हम कुकीज़ का उपयोग करने का अधिकार रखते है|



अंत में हम आपसे यही आशा करते है कि आप हमारे सभी नियमो का सही से पालन करेंगे|

आपको कोई भी समस्या है तो हमसे बेझिझक कांटेक्ट कर सकते है

गोपनीयता निति में बदलाव
ऊपर बताई गयी सभी गोपनीयता नीतियों में जरुरत पड़ने पर कभी भी बदलाव किया जा सकता है| इसलिए समय समय पर आप नियम और शर्तो को पढ़ते रहिएगा

गोपनीयता नीति में पहला बदलाव – 15 अक्टूबर  2019

गोपनीयता नीति में दूसरा बदलाव – 5 अक्टूबर 2020

धन्यवाद

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपनों की उड़ान- भाग 2/Sapno ki udaan hindi story

  सपनों की उड़ान-हिंदी कहानी (भाग 2) मे आपका स्वागत है!  शाम का समय, बादलों के बीच से चांद झांक रहा था! खगोलीय पिंड आतिशबाजी के सामान चमचमा रहे थे! नंदू- आंगन में बिछी चटाई पर लेट कर आकाशीय सौंदर्य निहार रहा था!वह अपने आप को बादलों में सम्मिलित करना चाहता था!अपने आप को खुला  विचरण करने की कल्पना में डुबो  दिया था!उसके मन में नए-नए विचार उत्पन्न हो रहे थे! मन ही मन सोच रहा था!काश मैं भी औरों की तरह घूमता फिरता दोस्त बनाता खुली वादियों मे गुनगुनाता ! मालूम नहीं मेरे जीवन में ये तमाम खुशियां कब आएगा! अचानक प्रभा की आवाज - नंदू के मरुस्थलीय सपनों का दीवार चूर चूर कर देती  है! प्रभा- नंदू तुम्हें उसी वक्त बोली थी एक सलाई लेकर आओ लेकिन तुम तो तारे गिनने में व्यस्त हो! जल्दी जाओ दुकान बंद हो जाएगा! नंदू- ना चाहते हुए भी अपने बोझील शरीर को धरती से सहारा लेकर  उठता है, जैसे कोई वृद्ध व्यक्ति हो, नंदू- अपने मां से जो जला कटा शब्द सुना था,वही सब दुकान में जाकर उतारता है! नंदू दुकानदार से-सलीम भाई ,ओ सलीम भाई, सलीम खिड़की पे आकर - क्या हुआ नंदू क्यों चींख रहे हो, ...

सपनों की उड़ान- भाग 7/Sapno ki udaan hindi story

सपनों की उड़ान-हिंदी कहानी (भाग 7) में आपका स्वागत  है!  शाम का समय, कर्मचारी अपना ड्यूटी खत्म करने के बाद ,फिर उसी कंपनी के दरवाजे पर आता है, जहां नंदू काम पर लगा होता है! नंदू छुट्टी होने के पश्चात कंपनी के बाहर बने चबूतरे पर बैठकर कर्मचारी का राह देख रहा होता है,कुछ ही क्षणों में कर्मचारी उसके पास पहुंचता है!  नंदू-कर्मचारी को देखते ही वहां से उठकर खड़ा हो जाता है!और बड़ी ही उत्सुकता पूर्वक.बोल पड़ता है! अंकल जी कंपनी के तरफ से मुझे रहने और खाने का प्रबंध किया गया है ! कर्मचारी-मुस्कुराते हुए वाह तब तो सोने पर सुहागा हो गया! लेकिन कंपनी का क्वार्टर है कहां? नंदू अपने जेब से एक कार्ड निकाल कर कर्मचारी को देता है और बोलता है ये तो आप ही को मालूम होगा ,यह कहां पर है !कर्मचारी अपने जेब से चश्मा निकालते हुए उस कार्ड को ध्यान से पढ़ने लगता है! पढ़ने के बाद नंदू से बोलता है! चलो मेरे साथ ये तो पास में ही है!कुछ दूर चलने के बाद कंपनी का  क्वार्टर आ जाता है!कर्मचारी गार्ड को नंदू सौंपते हुए वहां से आंखों में आंसू लेकर अपने क्वार्टर की तरफ तेजी से चल देता हैं!नंदू दोनों हाथ...

सपनों की उड़ान- भाग 11/Sapno ki udaan hindi story

सपनों की उड़ान-हिंदी कहानी (भाग 11) में आपका स्वागत है! बाहर लगे पेड़ अभी तक बरस रहे थे!नमी ग्रस्त हवा ऐसे चल रही थी,जैसे कश्मीर से होकर आ रही हो !! कुछ समय  बाद, शिखा एक लोहे की रॉड और साथ में कुछ उपले लेकर आती है! नंदू के पास रखती हुई, ये लीजिए आग कम हो गया है, इसे डालकर तेज कीजिए!नंदू अपना सिर नीचे किए हुए बोलता है ठीक है,  नंदू का शर्मीला स्वभाव देखकर, शिखा हंसती हुई चली जाती है! और मन ही मन सोचती है, शर्माना तो हमें चाहिए लेकिन यह तो बिल्कुल उल्टा हो रहा है! नंदू ,अग्नि देव को जैसे ही खोराक बढ़ाता है, वैसे ही अग्निदेव अपने पूरे शक्ति के साथ, यौवन का रूप धारण कर लेते हैं! और नंदू के कपड़े से नमी को सोख लेते हैं! नंदू  कपड़ा बदल कर सोचता है, अब अपने क्वार्टर पे चलना चाहिए!लेकिन कठोर निर्णय लेने से पहले, उसकी चेतना एक बार शिखा से अनुमति लेने का सलाह मांगता है!यही सोचकर वह फिर अपना हाथ सेकने लगता है, और शिखा का  इंतजार करने लगता है! लेकिन शिखा खाना बनाने में इतनी व्यस्त थी, की इधर आने का नाम ही नहीं ले रही थी! नंदू मन ही मन सोचता है, क्यों न उसे आवाज देकर बता दूं कि...