जमाना बदल गया है भईया'जमाना बदल गया है भईया! भऊजी के इशारे पे नाचत है बड़का भईया' अपने पहीरे बनारसी साड़ी' मुन्ना के जिंस पहीराबेली! घर से बाहर बैग टांग के' छम छम पायल बजावेली! ब्यूटी पार्लर मौला हॉल में'खूब उड़ावे रुपईया' जमाना बदल गया है भईया'जमाना बदल गया है भईया! हर महीना में मोबाइल रिचार्ज' दुई घंटा में बैटरी डिस्चार्ज! उ इतना नेट चलावेली' नेट खत्म हो गईलापर' देवर से नेट जोड़वावेली! छन छन चूड़ी बजावे खातिर'खूब अईठेली कलाइयां! जमाना बदल गया है भईया'जमाना बदल गया है भईया! भात दाल रोटी सब्जी' यूट्यूब से देख बनावेली! तेल साबुन कपड़ा लता' ऑनलाइन मंगवावेली! लाज शर्म सब पीछे छूटल'पूजा-पाठ लेवे अंगरईया! जमाना बदल गया है भईया'जमाना बदल गया है भईया! चार दिन में चम्मच टूटे' पाँच दिन में फोरली थाली! सास ससुर के समझईला पे' देवेली मूहछुटे गाली! इ कविता लिख -लिख के'शरमईले रामू भईया' जमाना बदल गया है भईया'जमाना बदल गया है भईया! (लेखक रामू क...
मैं अपनी विचारधारा, उन तमाम लोगों तक पहुंचाना चाहता हूँ । जो हमें एक नई दिशा की ओर अग्रसर करें। मैं अपनी कविता कहानी संवाद इत्यादि के माध्यम से , एक यैसा मंजील हासिल करना चाहता हूं जहां पहुंचकर हमें, अत्यंत हर्ष प्रतीत हो।