टीपू - अपने गांव का सबसे अच्छा लड़का था ! वह अपने निश्चल स्वभाव से , सभी ग्राम वासियों को सम्मोहित कर लिया था ! अपने पूर्वजों द्वारा मिले संपत्ति के नाम पर, एक घर के अलावा उसके पास और कुछ भी नहीं था ! उसका व्यक्तित्व इतना अच्छा था ,की न कुछ होते हुए भी उसके शादी में ढेर सारा सामान मिला था ! सबसे अचंभे की बात तो तब हुई ,जब शादी के एक साल बीतने के बाद ,उसके पत्नी के मामा बुलेट गाड़ी देने आए ! टीपू - कभी सपने में भी नहीं सोचा था , कि ऐसा होगा ! मामा को बढ़िया से स्वागत किया गया ! छः घंटे में चार दफा चाय तरह-तरह के पकवान बनारसी पान इत्यादि ! मामा -टीपू के पिताजी से विदा लेने का निवेदन किये लेकिन असफल रहे ! काफी विनती के बाद शाम के समय जाने का अनुमति मिला ! शाम का समय सूर्यास्त होने में कुछ ही पल बाकी थे ! गांव में लगे सोलर लाइट की लाल इंडिकेटर, साफ नजर आ रहा था ! किसी किसी घरों से कुकर की सीटी स्टीम इंजन की तरह आवाज कर रही थी ! टीपू - मामा को बुलेट पर बैठाकर रंगबाज की तरह, फटफटाते हुए बस स्टैंड की तरफ छोड़ने चला ! गांव से बस स्टैंड की दूरी लगभग तीस...
मैं अपनी विचारधारा, उन तमाम लोगों तक पहुंचाना चाहता हूँ । जो हमें एक नई दिशा की ओर अग्रसर करें। मैं अपनी कविता कहानी संवाद इत्यादि के माध्यम से , एक यैसा मंजील हासिल करना चाहता हूं जहां पहुंचकर हमें, अत्यंत हर्ष प्रतीत हो।